राहुल गांधी का ग्रेट निकोबार दौरा इंदिरा प्वाइंट पर भावुक पल बने चर्चा

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मंगलवार को ग्रेट निकोबार द्वीप पहुंचे। यह दौरा उनके लिए विशेष इसलिए रहा क्योंकि वह उस स्थान पर पहुंचे जो उनकी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से गहराई से जुड़ा हुआ है। करीब 42 साल बाद राहुल गांधी ने इंदिरा प्वाइंट का दौरा किया और वहां खड़े होकर अपनी दादी की ऐतिहासिक यात्रा को याद किया। इस दौरान उन्होंने समुद्र किनारे प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया और भावुक क्षण साझा किए।
इंदिरा गांधी की यात्रा को याद कर साझा किए अनुभव
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया जिसमें वे ग्रेट निकोबार द्वीप की सुंदरता को निहारते नजर आए। उन्होंने बताया कि 19 फरवरी 1984 को इंदिरा गांधी इस प्रकाशस्तंभ पर खड़ी हुई थीं जो भारत का सबसे दक्षिणी छोर माना जाता है। उन्होंने लिखा कि आज तक इंदिरा गांधी एकमात्र प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने यह स्थान देखा था। राहुल गांधी ने कहा कि 42 साल बाद उन्हें उसी स्थान पर खड़े होने का अवसर मिला जहां उनकी दादी खड़ी थीं और यह अनुभव उनके लिए बेहद खास रहा।

स्थानीय समुदाय से मुलाकात और परियोजना पर चर्चा
दौरे के दौरान राहुल गांधी ने निकोबारी समुदाय के नेताओं से भी मुलाकात की। कैंपबेल बे के राजीव नगर स्थित सामुदायिक भवन में हुई इस बैठक में स्थानीय लोगों ने केंद्र सरकार की 92 हजार करोड़ रुपये की मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं। राहुल गांधी ने कहा कि वह यहां भाषण देने नहीं बल्कि लोगों की समस्याएं सुनने आए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस उनके मुद्दों को मजबूती से उठाएगी और हर संभव सहयोग किया जाएगा।
राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों में भी भागीदारी
ग्रेट निकोबार दौरे के साथ ही राहुल गांधी ने पोर्ट ब्लेयर में कांग्रेस की बैठक में भी हिस्सा लिया। इसके अलावा उन्होंने गांधी नगर में बसे पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों से मुलाकात की। उनका यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब ग्रेट निकोबार परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों और सरकार के बीच मतभेद सामने आ रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने पहले भी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान द्वीप आने का वादा किया था जिसे उन्होंने अब पूरा किया है।